NDMA द्वारा ज्योतिर्मठ भूधंसाव के पुनर्वास-पुनर्निर्माण की समीक्षा

Uttarakhand News

(देहरादून)09जुलाई,2026

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की सदस्य सुश्री रीता मिस्सल तथा सदस्य श्री दिनेश कुमार असवाल ने आज राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में ज्योतिर्मठ भूधंसाव के उपरांत संचालित पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति, सामने आ रही चुनौतियों तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। NDMA के सदस्यों ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ पूरे किए जाएं।

सुश्री रीता मिस्सल ने कहा कि पुनर्वास कार्यों में स्थानीय समुदाय की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी कार्य स्थानीय लोगों को विश्वास में लेकर किए जाएं ताकि पुनर्वास प्रक्रिया सुचारु रूप से आगे बढ़ सके। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार तथा NDMA ज्योतिर्मठ के प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं तथा प्रभावितों के बेहतर पुनर्वास के साथ-साथ उनकी आजीविका को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

बैठक में प्रभावित परिवारों को दिए जा रहे मुआवजे की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

सदस्य श्री दिनेश कुमार असवाल ने कहा कि ज्योतिर्मठ क्षेत्र में भूधंसाव का समय-समय पर वैज्ञानिक जोखिम आकलन किया जाना आवश्यक है। इसके साथ ही भूधंसाव की सतत निगरानी के लिए आधुनिक मॉनिटरिंग उपकरण शीघ्र स्थापित किए जाएं, जिससे भूमि की गतिविधियों का वास्तविक समय में आकलन किया जा सके और समय रहते आवश्यक निर्णय लिए जा सकें।

सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा ज्योतिर्मठ पुनरुत्थान परियोजना के लिए स्वीकृत धनराशि के तहत ₹292 करोड़ की प्रथम किस्त राज्य को मई 2025 में प्राप्त हुई। इस धनराशि से ढाल स्थिरीकरण, टो प्रोटेक्शन, सीवर एवं ड्रेनेज सहित विभिन्न महत्वपूर्ण कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं। NDMA के सदस्यों ने इन कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

डीएम चमोली श्री गौरव कुमार ने जानकारी दी कि असुरक्षित घोषित 55 भवनों को ध्वस्त किए जाने के लिए चिन्हित किया गया है तथा यह कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

बैठक में संयुक्त सलाहकार, NDMA डॉ. एस. के. जेना, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) श्री प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, NDMA के वरिष्ठ सलाहकार श्री शशांक मिश्रा, वरिष्ठ सलाहकार श्री अरुण कुमार नटराजन सुब्रमणियन, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री दिनेश कुमार पुनेठा, PWD के विभागाध्यक्ष श्री राजेश चंद्र, सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्ष श्री सुभाष चंद्रा, UUSDA के अपर निदेशक श्री विनय मिश्रा, ULMMC के निदेशक डॉ. शांतनु सरकार, डॉ. मोहित पूनिया सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।(साभार सू वि)

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