राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन का आयोजन

National News

(नई दिल्ली)30जून,2026.

विकसित ग्राम, विकसित भारत के विजन को रफ्तार देने के लिए आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन का 29 जून को समापन हुआ। दो दिनों तक चले इस सम्मेलन में 29 राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों ने भाग लिया और गांवों के विकास का रोडमैप तैयार करने समेत राज्यों के बेहतरनी मॉडलों पर चर्चा की गई ।

समारोह में महिला उद्यमों को रफ्तार देने के लिए सरस शक्ति कलेक्शन और कॉफी टेबल बुक लॉन्च की गईं। सरस शक्ति कलेक्शन में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए बेहतरीन और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही सरस शक्ति कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सरस आजीविका का दायरा काफी बढ़ गया है। 1999 में पहले सरस मेले से शुरू हुई यह पहल अब 25 से अधिक राज्यों के ब्रांड्स का एक बड़ा नेटवर्क बन चुकी है और इन मेलों के जरिए सालाना 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यापार हो रहा है।

सरस आजीविका गैलरी में दिखी देश की कला:
सम्मेलन के दौरान गुजरात, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मेघालय, बिहार, केरल और तेलंगाना समेत कई राज्यों के मंत्रियों और प्रतिनिधियों ने ‘सरस आजीविका गैलरी’ का दौरा किया।
इस गैलरी में हथकरघा, घरेलू सजावट के सामान, वेलनेस उत्पाद और पारंपरिक खाद्य पदार्थों का प्रदर्शन किया गया। इनमें पंजाब की फुलकारी, जम्मू-कश्मीर की पश्मीना, तेलंगाना के इकत और तेलिया कपड़े, और मिजोरम की पौंचेई जैसी क्षेत्रीय कलाकृतियां शामिल थीं। साथ ही मीनाकारी, डोकरा, पीतल और लकड़ी के हस्तशिल्प भी प्रदर्शित किए गए। गैलरी में सफल ‘लखपति दीदियों’ ने भी हिस्सा लिया, जिन्होंने यह दिखाया कि सही ब्रांडिंग और बाजार से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं कैसे अपने टिकाऊ व्यवसाय खड़े कर रही हैं।

ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की हुई समीक्षा:
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन का मुख्य फोकस नई ग्रामीण विकास योजना – वीबी–जी राम जी को लागू करने पर रहा। वहीं, पीएम आवास योजना-ग्रामीण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM), ग्रामीण कौशल विकास कार्यक्रमों और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की व्यापक समीक्षा भी की गई।

लखपति दीदी को रफ्तार देने के लिए तकनीक पर मंथन:
बैठक में ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने, जलवायु-अनुकूल आजीविका को बढ़ावा देने और ग्रामीण आवास व सड़कों को बेहतर करने पर भी चर्चा हुई। मंत्रालय के अनुसार, साल 2029 तक 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए डिजिटल तरीकों के उपयोग पर विशेष रूप से मंथन किया गया। वर्तमान में इस मिशन से स्वयं सहायता समूहों (SHG) में संगठित 10 करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं।(साभार एजेंसी)

Share it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *