उत्तर भारत में मानसून की दस्तक,बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट

National News

(नई दिल्ली)29जून,2026

देशभर में मानसून की रफ्तार तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा अब सूरत, इंदौर, मांडला, डाल्टनगंज और मोतीहारी से होकर गुजर रही है। अगले 3-4 दिनों के दौरान मानसून उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।

पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट:
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना है। उत्तराखंड में 29 जून से 4 जुलाई तक व्यापक बारिश होने का अनुमान है। विभाग ने चेतावनी दी है कि 30 जून से 4 जुलाई के बीच उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश में 1 से 4 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और मुजफ्फराबाद के इलाकों में 30 जून से 4 जुलाई तक बारिश का दौर तेज रहेगा। मौसम विभाग ने विशेष रूप से सतर्क किया है कि 30 जून को जम्मू-कश्मीर और आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।

मैदानी इलाकों में मानसून की स्थिति
उत्तर प्रदेश के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 से 3 जुलाई तक और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2 जुलाई को व्यापक बारिश होने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने बताया है कि 30 जून और 1 जुलाई को उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 29 जून को हल्की से छिटपुट बारिश होने की संभावना है, जबकि 3 और 4 जुलाई को इन राज्यों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। राजस्थान में भी 29 जून से 4 जुलाई के बीच रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है, जिसमें पूर्वी राजस्थान में 2 से 4 जुलाई के दौरान भारी वर्षा हो सकती है।

भीषण गर्मी और लू से राहत के संकेत:
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू (Heatwave) की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, यह राहत की बात है कि 30 जून से 2 जुलाई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। इससे लोगों को पिछले कई दिनों से जारी उमस और भीषण गर्मी से निजात मिलेगी।

भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका जताई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides) के खतरे को देखते हुए यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सरकार के निर्देशों के अनुसार, गरज-चमक के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों के नीचे शरण न लेने को कहा गया है।(साभार एजेंसी)

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