(नई दिल्ली)26जून,2026.
भारत की स्टार ओपनर शेफाली वर्मा ने बांग्लादेश के खिलाफ आईसीसी महिला टी20 विश्व कप मुकाबले में शानदार अर्धशतकीय पारी खेलकर टीम को आसान जीत दिलाई। मैच के बाद शैफाली ने कहा कि वह अपनी बल्लेबाजी से काफी खुश हैं, हालांकि अगर वह नाबाद रहतीं तो उन्हें और ज्यादा संतोष होता। ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए मुकाबले में शैफाली ने महज 34 गेंदों में 53 रन बनाए। उनकी पारी में आठ चौके और एक छक्का शामिल रहा। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 137 रन का लक्ष्य केवल 16.5 ओवर में पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया। शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
तेज शुरुआत ने रखी जीत की नींव
शेफाली ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और भारत को टूर्नामेंट के इतिहास का अपना सर्वश्रेष्ठ पावरप्ले स्कोर दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने केवल 29 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और जीत की मजबूत नींव रखी।मैच के बाद शेफाली ने कहा, ‘आज जिस तरह मैंने बल्लेबाजी की, उससे मैं बहुत खुश हूं। लेकिन अगर मैं अंत तक नाबाद रहती तो और ज्यादा खुशी होती। फिर भी रन बनाकर अच्छा आत्मविश्वास मिला है और मैं बेहद खुश हूं।’
चेज के दौरान बल्लेबाजों ने रखा सरल नजरिया
137 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने कोई अतिरिक्त दबाव नहीं लिया। शेफाली ने बताया कि टीम की रणनीति बेहद सरल थी। उन्होंने आगे कहा, ‘हम सिर्फ अपनी बल्लेबाजी पर भरोसा कर रहे थे। जो भी ढीली गेंद मिले, उस पर चौका या छक्का लगाने की कोशिश करनी थी। बाकी समय सिंगल लेकर स्ट्राइक रोटेट करनी थी। हमारी बातचीत बिल्कुल सामान्य थी।
‘सही गेंद चुनने पर था फोकस’
अपनी शानदार बल्लेबाजी के पीछे की सोच पर शेफाली ने कहा कि उन्होंने चीजों को सरल रखने की कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘मैं सिर्फ सही गेंद चुनने पर ध्यान दे रही थी। जो गेंद मेरे जोन में आती, उस पर शॉट खेलती, नहीं तो सिंगल लेती। यह बहुत साधारण बात है, लेकिन कई बार हम इसे जरूरत से ज्यादा जटिल बना देते हैं। इस बार मैंने खुद से काफी बात की और उसका फायदा मिला।’
आउट होने के तरीके से थीं निराश
शेफाली नौवें ओवर में स्टंप आउट हो गई थीं। उन्होंने माना कि अपने विकेट से वह निराश थीं। उन्होंने आगे कहा, ‘बिल्कुल दुख हुआ। जिस तरह मैं आउट हुई, उससे मैं खुश नहीं हूं। जैसा मैंने कहा, अगर मैं नाबाद रहती तो मुझे ज्यादा खुशी होती।’
गेंदबाजी में भी निभा रही हैं जिम्मेदारी
टूर्नामेंट में शेफाली को गेंदबाजी का मौका भी मिला है। उन्होंने कप्तान हरमनप्रीत कौर का आभार जताते हुए कहा कि कप्तान का भरोसा उन्हें आत्मविश्वास देता है। उन्होंने कहा, ‘मैं नेट्स में नई और पुरानी दोनों गेंदों से अभ्यास करती हूं। टीम को जब भी मेरी जरूरत होती है, मैं तैयार रहती हूं। हरमनप्रीत मुझे गेंदबाजी के दौरान काफी आत्मविश्वास देती हैं और अच्छा फील्ड सेट करती हैं। इसके लिए मैं उनका धन्यवाद करती हूं।’
भारतीय गेंदबाजों ने भी दिखाया दम:
इससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 136/8 के स्कोर पर रोक दिया। बांग्लादेश की ओर से कप्तान निगार सुल्ताना ने 32 और जुआइरिया फिरदौस ने 33 रन बनाए।
भारत की ओर से राधा यादव ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3/28 के आंकड़े दर्ज किए, जबकि श्री चरणी ने दो विकेट झटके। चरणी महिला टी20 विश्व कप के एक संस्करण में 12 विकेट लेने वाली पहली भारतीय महिला गेंदबाज भी बन गईं।
भारत की आसान जीत
लक्ष्य का पीछा करते हुए शेफाली वर्मा की तेजतर्रार अर्धशतकीय पारी के अलावा यास्तिका भाटिया और जेमिमा रोड्रिग्स ने भी उपयोगी योगदान दिया। भारत ने मुकाबला 19 गेंद शेष रहते पांच विकेट से जीतकर टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत कर ली(साभार एजेंसी)
