(नई दिल्ली)23जून,2026
ग्रामीण विकास कार्यों को तेज गति देने के लिए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। पंचायती राज मंत्रालय ने कहा है कि सभी ग्राम पंचायतें वर्ष 2026-27 की ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तैयार कर 15 अगस्त 2026 तक ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें। मंत्रालय का मानना है कि इन योजनाओं के आधार पर गांवों में विकास कार्यों की बेहतर योजना बनाई जा सकेगी और वित्तीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजा गया पत्र:
पंचायती राज मंत्रालय के अपर सचिव सुशील कुमार लोहानी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों और सचिवों को पत्र भेजकर पंचायत विकास योजनाओं को समय पर तैयार करने और पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) स्थानीय जरूरतों और विकास प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जाती है। इसमें ग्राम सभा और स्थानीय लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है।
15 अगस्त तक खुली रहेगी अपलोडिंग विंडो:
पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार, 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को शामिल करने और ई-ग्राम स्वराज पोर्टल में तकनीकी बदलाव किए जाने के कारण इस वर्ष प्रक्रिया में कुछ देरी हुई है। इसी वजह से पंचायतों को अतिरिक्त समय दिया गया है और योजना अपलोड करने की सुविधा 19 जून से 15 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रहेगी।
इन कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता:
ग्राम पंचायत विकास योजनाओं के तहत गांवों में विकास की जरूरतों के अनुसार विभिन्न कार्यों को प्राथमिकता दी जाती है। इनमें पेयजल सुविधाएं, स्वच्छता और साफ-सफाई, शिक्षा संबंधी कार्य, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, आजीविका और रोजगार संवर्धन, प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं शामिल हैं।
गांवों के विकास को मिलेगी नई गति:
केंद्र सरकार का मानना है कि पंचायतों द्वारा समय पर विकास योजनाएं तैयार करने और उन्हें पोर्टल पर अपलोड करने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की बेहतर निगरानी और क्रियान्वयन संभव होगा। इससे गांवों की जरूरतों के अनुसार योजनाएं बनेंगी और विकास परियोजनाओं को तेजी से लागू किया जा सकेगा(साभार एजेंसी)
