यूजेवीएन के पावर स्टेशनों की,अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्किंग

Uttarakhand News

(देहरादून)11मई,2026.

उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएन) ने अपने सभी जल विद्युत उत्पादन केंद्रों की अंतरराष्ट्रीय मानकों पर बेंचमार्किंग कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत निगम की जल विद्युत परियोजनाओं के प्रदर्शन की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तुलना की जाएगी। इसका लाभ जलविद्युत उत्पादन और संचालन क्षमता में सुधार के रूप में प्रदेश को मिल सकेगा।

वर्तमान में यूजेवीएन 1.5 मेगावाट से लेकर 304 मेगावाट क्षमता तक के विभिन्न जल विद्युत संयंत्रों का संचालन कर रहा है। निगम की कुल क्षमता 1440.60 मेगावाट है। इसके अलावा निगम 45.175 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र भी स्थापित कर चुका है।

बेंचमार्क स्टडी से निगम को स्पष्ट तस्वीर मिलेगी कि उसके कौन-कौन से पावर हाउस बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। यदि किसी पावर स्टेशन में कम लागत में अधिक बिजली उत्पादन हो रहा है, तो उसकी तकनीक और कार्यप्रणाली को अपनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

इससे बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, संचालन लागत घटेगी, मशीनों की खराबी और बंद रहने का समय कम हो सकेगा। आधुनिक तकनीकों को अपनाने में भी मदद मिलेगी। इससे निगम की आय व संचालन दक्षता दोनों बढ़ने की संभावना है।

ऐसे होगी बेंचमार्किंग
बेंचमार्किंग अध्ययन में एजेंसी यूजेवीएन के सभी पावर प्लांट का विश्लेषण करेगी। इसमें मुख्य रूप से बिजली उत्पादन क्षमता और उपयोग, मशीनों की दक्षता, उपलब्धता, सालभर में प्लांट कितने समय चालू रहे, मशीनों की खराबी, संचालन और रखरखाव पर खर्च, प्रति यूनिट बिजली उत्पादन लागत, सुरक्षा एवं पर्यावरण मानक तथा कर्मचारियों की उत्पादकता जैसे बिंदुओं का मूल्यांकन करेगी। इसके बाद इन आंकड़ों की तुलना अंतरराष्ट्रीय स्तर की बड़ी जल विद्युत कंपनियों से की जाएगी। इसमें एनएचपीसी, टीएचडीसी, एसजेवीएन और अन्य प्रमुख ऊर्जा कंपनियों के प्रदर्शन मानकों को आधार बनाया जाएगा।

ग्रेडिंग श्रेणियां
जल विद्युत परियोजनाओं की बेंचमार्किंग में कई श्रेणियां होती हैं। इनमें मानकों से नीचे, अच्छे अंतरराष्ट्रीय मानक, गुड प्रैक्टिस, एडवांस गुड प्रैक्टिस व सबसे ऊंची श्रेणी बेस्ट प्रैक्टिस शामिल है।

‘यूजेवीएन की जल विद्युत परियोजनाओं की बेंचमार्किंग कराकर जल विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में बेस्ट प्रैक्टिस को अपनाया जाएगा। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों की तुलना में हम कहां खड़े हैं, इसका अध्ययन भी किया जाएगा।’

-आर मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख सचिव,ऊर्जा विभाग (साभार एजेंसी)

Share it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *