“महेंद्रगिरी”-नौसेना में शामिल नया जंगी जहाज

National News

(नई दिल्ली)02मई,2026

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDSL), मुंबई में भारतीय नौसेना को महेंद्रगिरी नामक एडवांस स्टील्थ फ्रिगेट सौंप दिया गया है ।यह प्रोजेक्ट 17A (नीलगिरी क्लास) का छठा जहाज है।इस जहाज की डिलीवरी भारतीय नौसेना और देश की शिपबिल्डिंग क्षमता के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुई है।

प्रोजेक्ट 17A के तहत भारत स्वदेशी रूप से स्टील्थ फ्रिगेट्स का निर्माण कर रहा है।ये जहाज बहु-उद्देशीय हैं, यानी ये समुद्र में अलग-अलग तरह के युद्ध मिशनों को अंजाम देने में सक्षम हैं। महेंद्रगिरी इस क्लास का चौथा जहाज है जो मझगांव डॉक में बना है।

यह जहाज डिजाइन, स्टील्थ (रडार से छिपने की क्षमता), फायर पावर, ऑटोमेशन और सुरक्षा के मामले में पिछले शिवालिक क्लास (प्रोजेक्ट 17) से काफी बेहतर है।

महेंद्रगिरी की खासियतें

महेंद्रगिरी अत्याधुनिक हथियारों और सेंसर से लैस है. इसमें CODOG (कॉम्बाइंड डीजल ऑर गैस) प्रोपल्शन सिस्टम लगाया गया है, जिसमें डीजल इंजन और गैस टरबाइन दोनों का इस्तेमाल होता है. जहाज में दो शाफ्ट पर कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर (CPP) लगे हैं।

जहाज पर इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम (IPMS) भी लगा है, जो पूरे जहाज के इंजन, बिजली और अन्य सिस्टम को स्वचालित रूप से नियंत्रित करता है।

इसमें दुश्मन के जहाजों (एंटी-सर्फेस), हवाई हमलों (एंटी-एयर) और पनडुब्बियों (एंटी-सबमरीन) से निपटने की पूरी क्षमता है. स्टील्थ टेक्नोलॉजी की वजह से यह जहाज दुश्मन के रडार पर कम दिखाई देता है।

स्वदेशी प्रयासों की मिसाल:

महेंद्रगिरी में 75 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है. इस प्रोजेक्ट में 200 से ज्यादा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) शामिल रहे हैं. इससे करीब 4,000 लोगों को सीधे और 10,000 से ज्यादा लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है. यह जहाज वारशिप डिजाइन ब्यूरो (WDB) द्वारा डिजाइन किया गया है।मझगांव डॉक की टीम ने इसे समय पर पूरा किया है।

प्रोजेक्ट 17A का पहला जहाज नीलगिरी 20 दिसंबर 2024 को भारतीय नौसेना को सौंपा गया था। मात्र 17 महीने के अंदर ही छठा जहाज महेंद्रगिरी भी डिलीवर कर दिया गया। यह भारतीय शिपबिल्डिंग उद्योग के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

भारतीय नौसेना का फोकस लगातार आत्मनिर्भरता पर है।प्रोजेक्ट 17A इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. ये फ्रिगेट्स समुद्र में भारत की सुरक्षा, निगरानी और युद्ध क्षमता को काफी बढ़ाएंगे। महेंद्रगिरी जैसी स्टील्थ फ्रिगेट्स न सिर्फ दुश्मनों के लिए चुनौती हैं, बल्कि दुनिया को यह भी दिखाती हैं कि भारत अब स्वयं अत्याधुनिक युद्धपोत डिजाइन और निर्माण करने में सक्षम है।(साभार एजेंसी)

Share it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *