(देहरादून)1मई,2026.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री आवास परिसर की पहचान अब केवल सत्ता के मुख्य केंद्र के रूप में ही नहीं, बल्कि प्रकृति के जीवंत म्यूजियम के तौर पर भी होगी। इसके लिए मुख्यमंत्री आवास परिसर के 60 एकड़ में फैले उद्यान को नया कलेवर देते हुए इसे थ्री-बी (बी, बर्ड व बटरफ्लाई) गार्डन के रूप में विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में उद्यान विभाग यहां के लिए 12 माह का कैलेंडर तैयार कर रहा है। ढाई किलोमीटर क्षेत्र में पौधों का चयन इस तरह से किया जाएगा कि वहां हर माह फूल खिले रहें। इस पहल के आकार लेने पर यह ऐसा पहला सरकारी परिसर बनेगा, जो पूरी तरह परागणकों और पक्षियों के अनुकूल होगा।
शहद उत्पादन से जन्मा थ्री-बी का विचार:
न्यू कैंट रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास परिसर के उद्यान में पेड़, पौधों के साथ ही फूलों की विभिन्न प्रजातियां हैं। इसे देखते हुए तीन वर्ष पहले इस उद्यान में मौनपालन की शुरुआत की गई। पहले वर्ष उद्यान में रखे गए कुछ मौनबाक्स से 40-50 किलोग्राम शहद का उत्पादन हुआ।
फिर धीरे-धीरे मौनबाक्स की संख्या बढ़ी तो गत वर्ष लगभग 150 किलोग्राम शहद मिला। इस वर्ष मौनबाक्स की संख्या बढ़ाकर 20 की गई, जिनसे 45 दिन की अवधि में 520 किलोग्राम शहद निकला। मुख्यमंत्री धामी ने स्वयं यह शहद निकाला।
इसी दौरान उन्होंने उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित को निर्देश दिए कि उद्यान को इस तरह से विकसित किया जाए, जिसमें मधुमक्खियों के साथ तितलियों व पक्षियों को भी जोड़ा जाए। इसी आधार पर थ्री-बी के विचार ने जन्म लिया, जिसे उद्यान विभाग मूर्त रूप देने की तैयारी में जुटा है।
पौधों का चयन और कैलेंडर:
उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित के अनुसार थ्री-बी गार्डन के लिए ऐसे पौधे चयनित किए जा रहे हैं, जो मधुमक्खियों, तितलियों व पक्षियों के लिए मुफीद हों। 12 माह का कैलेंडर बनाया जा रहा है और इन पौधों को इस तरह से लगाया जाएगा कि हर माह फूल खिले रहें।
ये पौधे मुख्यमंत्री आवास परिसर से लेकर नजदीकी लोक भवन और कैंट क्षेत्र तक ढाई किलोमीटर की परिधि में लगाए जाएंगे। इससे जहां निरंतरता में शहद का उत्पादन होगा, वहीं पक्षियों व तितलियों का मोहक संसार भी आकर्षित करेगा।(साभार एजेंसी)
