(देहरादून)1अप्रैल,2026.
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री आवास पर ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और उत्तराखंड उद्यान बोर्ड (Uttarakhand Horticulture Board) के बीच स्थानीय उत्पादों (ताजे फल एवं सब्जियां) की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
किसानों और जवानों—दोनों को लाभ
मुख्यमंत्री ने इस समझौते को “डबल बेनिफिट मॉडल” बताते हुए कहा कि:
ITBP के जवानों को ताजा और पौष्टिक खाद्य सामग्री मिलेगी।
स्थानीय किसानों को उचित मूल्य और स्थायी बाजार मिलेगा। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इस पहल के तहत सीमावर्ती जनपदों के स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिनमें शामिल हैं:
चमोली
उत्तरकाशी
पिथौरागढ़
चंपावत
अब तक ITBP द्वारा ₹14.77 करोड़ के स्थानीय उत्पाद खरीदे जा चुके हैं।
यदि ITBP अपनी वार्षिक जरूरत का 25% फल-सब्जी स्थानीय स्तर से खरीदती है, तो किसानों को लगभग ₹6 करोड़ की अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों को सीधा बाजार उपलब्ध कराएगी और विपणन (Marketing) से जुड़ी समस्याओं को कम करेगी।
‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ के तहत पूर्व में भी ITBP और राज्य सरकार के बीच हुए समझौतों से स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ी है और किसानों को आय का स्थिर स्रोत मिला है। अब इस व्यवस्था को और अधिक विस्तार दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, मनु महाराज सहित कृषि एवं उद्यान विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।(साभार)
