विकसित-भारत जी राम जी कानून स्वावलंबी गांवों की नींव

National News

(नई दिल्ली)6जनवरी,2026.

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने तमिलनाडु के ईरोड में कहा कि विकसित भारत–जी राम जी कानून स्वावलंबी गांवों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ईरोड में कामगारों और श्रमिकों से संवाद के दौरान केंद्रीय मंत्री ने इस महत्वाकांक्षी योजना के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कानून गांवों में रोजगार सृजन, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है। श्री चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी के माध्यम से विकसित और समृद्ध गांवों का लक्ष्य साकार होगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अभी तक मनरेगा में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, लेकिन कई स्थानों पर न तो समय पर रोजगार मिलता था और न ही मजदूरी का भुगतान समय पर हो पाता था। उन्होंने इसे गंभीर स्थिति बताते हुए कहा कि इसी तरह की खामियों और भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए सरकार ने इस योजना में बदलाव करते हुए विकसित भारत–राम जी कानून लागू किया है।

उन्होंने बताया कि नए कानून के तहत अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। यदि निर्धारित अवधि में काम नहीं मिलता है, तो मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। वहीं, मजदूरी के भुगतान में 15 दिनों से अधिक की देरी होने पर ब्याज भी दिया जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि प्रशासनिक व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है, ताकि फील्ड में कार्यरत स्टाफ को समय पर वेतन मिल सके और व्यवस्था अधिक प्रभावी बने।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नए कानून में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाया गया है। अब ग्राम सभाएं स्वयं यह तय करेंगी कि उनके गांव में कौन-कौन से विकास कार्य किए जाने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास से जुड़े फैसले अब चेन्नई या दिल्ली में नहीं, बल्कि गांव स्तर पर लिए जाएंगे।

श्री चौहान ने कहा कि कुछ लोग इस योजना को लेकर जानबूझकर भ्रांतियां फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना में बदलाव इसलिए किया है ताकि मजदूरों और कामगारों का पैसा सीधे उनके खातों में पहुंचे और भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान न रहे।

ईरोड में टरमरिक सिटी के लिए टेस्टिंग लैब खोलने की घोषणा

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ईरोड की प्रसिद्ध हल्दी मंडी का दौरा किया और हल्दी उत्पादक किसानों व व्यापारियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने टरमरिक सिटी ईरोड में टेस्टिंग लैब स्थापित करने की घोषणा करते हुए आईसीएआर (ICAR) को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे हल्दी की गुणवत्ता जांच, प्रमाणीकरण और बेहतर विपणन में किसानों को सहायता मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री ने ईरोड में हल्दी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना के विषय में भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह विषय वाणिज्य मंत्रालय से संबंधित है, लेकिन कृषि मंत्री होने के नाते वह स्वयं इस संबंध में पहल करेंगे। उन्होंने बताया कि इससे हल्दी किसानों को नीतिगत सहयोग, बाजार तक बेहतर पहुंच और निर्यात के नए अवसर प्राप्त होंगे।

श्री चौहान ने कहा कि ईरोड क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत कोल्ड स्टोरेज स्थापित किया जा सकता है और तमिलनाडु सरकार से आरकेवीवाई (RKVY) फंड के उपयोग का आग्रह किया जाएगा। उन्होंने स्मगलिंग के जरिए लाई जा रही हल्दी पर रोक लगाने का भी आश्वासन दिया और कहा कि इन सभी विषयों पर दिल्ली में बैठक कर ठोस समाधान निकाला जाएगा। साथ ही उन्होंने अच्छी गुणवत्ता के बीज को कृषि की बुनियाद बताते हुए आईसीएआर के माध्यम से आवश्यक बीज विकास पर जोर दिया।

महिला किसानों से संवाद

केंद्रीय मंत्री ने कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कृषि उत्पादों के 100 से अधिक स्टॉलों का निरीक्षण किया और किसानों एवं उद्यमियों से उनके उत्पादों, गुणवत्ता और संभावनाओं पर चर्चा की। श्री चौहान ने 1000 से अधिक महिला किसानों से संवाद किया तथा विभिन्न किसान संगठनों और प्रगतिशील किसानों से भी मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी सहभागिता की। (साभार एजेंसी)

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