कॉर्बेट पार्क में दोबारा शुरू होगी हाथी सफारी

Uttarakhand News

(देहरादून)14नवंबर,2025.

अगर आप उत्तराखंड स्थित विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है।करीब सात साल के लंबे इंतजार के बाद इस पर्यटन सीजन में कॉर्बेट पार्क में हाथी सफारी दोबारा शुरू होने की संभावना है। इसके साथ ही पर्यटक अब वॉच टावर से भी जंगल और वन्यजीवों का दीदार कर पाएंगे। इससे पार्क की जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव करने का एक और रोमांचक मौका मिलेगा।

कॉर्बेट नेशनल पार्क का सबसे चर्चित ढिकाला पर्यटन जोन 15 नवंबर से पर्यटकों के लिए खुलने जा रहा है. हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में देश-विदेश से सैलानी यहां पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन इस बार का सीजन कुछ खास होने वाला है,क्योंकि सात साल बाद फिर से पार्क में हाथियों की पीठ पर सवार होकर जंगल की सैर का अनुभव पर्यटक ले पाएंगे।

कॉर्बेट पार्क में दोबारा शुरू होगी हाथी सफारी!
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि 15 नवंबर से रिजर्व का सबसे प्रसिद्ध ढिकाला जोन पर्यटकों के लिए खोला जाएगा. इसी दिन से विभिन्न पर्यटन जोनों में बने कक्षों में नाइट स्टे, रात में रुकने की सुविधा भी शुरू हो जाएगी।

हमारी कोशिश रहेगी कि इस सीजन में पर्यटक हाथी सफारी का रोमांच महसूस कर सकें और वॉच टावर ऊंचाई से जंगल, वन्यजीवों और ग्रासलैंड्स का नजारा देख सकें।इससे लोग कॉर्बेट के असली प्राकृतिक सौंदर्य को करीब से महसूस कर पाएंगे।

गौरतलब है कि साल 2018 में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 का हवाला देते हुए पार्क में हाथियों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगा दी थी। उसी आदेश के बाद हाथी सफारी पूरी तरह बंद हो गई थी।तब से लगातार पर्यटन व्यवसायी, स्थानीय गाइड और वन्यजीव प्रेमी इस फैसले की समीक्षा की मांग कर रहे थे, ताकि हाथियों के साथ संवेदनशील तरीके से सफारी को फिर शुरू किया जा सके।

स्थानीय निवासी गणेश रावत का कहना है कि, यह पहल बेहद सराहनीय है।हाथी सफारी और वॉच टावर से दीदार की सुविधा शुरू होने से पर्यटन गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

15 नवंबर को खोला जाएगा ढिकाला जोन:
वहीं वन्यजीव प्रेमियों ने भी इसे कॉर्बेट प्रेमियों के लिए बड़ी राहत बताया।उनका कहना है कि हाथी सफारी एक अनोखा अनुभव है, जिसमें बिना किसी मशीन की आवाज़ के आप जंगल के बीच से गुजरते हैं और प्रकृति की असली धड़कन महसूस करते हैं।वॉच टावर से जानवरों को बिना डिस्टर्ब किए देखना भी एक शानदार अनुभव होता है।

ढिकाला और बिजरानी जोन में पर्यटकों को इस बार हाथी सफारी और वॉच टावर से दीदार का मौका मिलेगा।पार्क प्रशासन का मानना है कि इससे पार्क में आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।कॉर्बेट पार्क में हर साल लाखों पर्यटक पहुंचते हैं,अब सफारी के दोबारा शुरू होने से न सिर्फ पर्यटकों के रोमांच में इजाफा होगा,बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी यह एक नई उम्मीद लेकर आया है(साभार एजेंसी)

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