हथिनीकुंड बैराज के पास डैम बनाने का मास्टर प्लान हुआ लांच

National News

(नई दिल्ली)22सितंबर,2025.

केंद्रीय शहरी विकास व आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 50 साल बाद दिल्ली का दूसरा ड्रेनेज मास्टर प्लान लॉन्च किया। इस दौरान दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह , समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्राज, बीजेपी विधायक, पीडब्ल्यूडी और सिंचाई व बाढ़ विभाग के इंजीनियर्स और अधिकारी मौजूद रहे।

पानी की किल्लत की समस्या का समाधान होगा
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि दिल्ली में पिछले कुछ साल से बाढ़ की समस्या गंभीर हो रही है। इसके स्थायी समाधान के लिए हथिनी कुंड बैराज के पास करीब 5200 एकड़ में डैम बनाने की योजना है। इससे दिल्ली में बाढ़ और पानी की किल्लत की समस्या का समाधान होगा।

क्या है इस बांध का उद्देश्य
यमुना नदी में बाढ़ को रोकना, बिजली उत्पादन करना और जलापूर्ति की समस्या का भी समाधान करना है। इसमें 14 किमी लंबा जलाशय होगा। बांध के निर्माण पर करीब 6134 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। मनोहर लाल ने बताया कि बांध की जरूरत इसलिए भी है क्योंकि मॉनसून में हथिनीकुंड बैराज के पास इतना अधिक पानी आता है कि उसे एक लिमिट के बाद रोकना संभव नहीं है। अगर पानी पूरी तरह से रोका जाए, तो बांध टूट सकता है। ऐसे में दिल्ली में बाढ़ तबाही मचा सकती है। इसे देखते हुए यमुना की मौजूदा पानी होल्डिंग कैपिसिटी बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए यमुना की डिसिल्टिंग जरूरी है। सबसे अधिक समस्या आईटीओ बैराज से ओखला बैराज के बीच 14 किमी लंबे स्ट्रेच पर है। इस स्ट्रेच में यमुना की गहराई कहीं 7 मीटर अधिक है, तो कहीं 7 मीटर कम है। जैसे आईटीओ बैराज के पास गहराई करीब 207 मीटर है, वहीं ओखला बैराज के पास गहराई सिर्फ 200 मीटर है।

DDA बनेगा ‘पार्टनर’
मनोहर लाल ने कहा कि पूरे देश में छोटे-बड़े 1570 डंपिंग साइट हैं। केंद्र सरकार ने कुल 11,000 करोड़ रुपये मंजूर किया है, जिसमें से दिल्ली के लिए 1100 करोड़ रुपये सेंक्शन किए गए हैं। भलस्वा साइट को खत्म करने की जिम्मेदारी मैंने खुद ली है। अगले साल 2 अक्टूबर तक इसकी पूरी तरह से छंटाई कर दी जाएगी। कूड़े की छंटाई में पैसा रोड़ा न बने, इसके लिए डीडीए को पार्टनर ऑर्गेनाइजेशन चुना गया है।

‘न डूबने का प्रमाण पत्र’
सीएम और दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि करीब 50 साल बाद जो मास्टर ड्रेनेज प्लान लॉन्च किया जा रहा है, वह सिर्फ किताब नहीं बल्कि बाढ़ में दिल्ली के न डूबने का प्रमाण पत्र है। पहले की सरकार 11 साल तक मिंटों ब्रिज को डूबने से नहीं बचा पाई, लेकिन बीजेपी सरकार के सत्ता में आते ही मिंटो ब्रिज के पास इस बार मॉनसून में पानी नहीं भरा।

क्यों हुई नया प्लान बनाने में इतनी देरी?
दिल्ली में 50 साल के लंबे इंतजार के बाद ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया गया है। हालांकि, इस बीच कई बार ड्रेनेज मास्टर प्लान बनाने की क़वायदें शुरू की गई, लेकिन भारी-भरकम बजट के चलते प्लान को हर बार ड्रॉप करना पड़ा। नए ड्रेनेज मास्टर प्लान पर अब तक काम शुरू नहीं होने के पीछे एक वजह यह भी रही कि ड्रेनेज सिस्टम के डिजाइन में काफी बदलाव करना पड़ता, ताकि मॉनसून में ड्रेनेज से पानी की निकासी अधिक से अधिक हो सके। इसमें मशीनरी की जरूरत तो पड़ती ही, मैनपावर भी काफी अधिक लगती। इसके अलावा एक बार काम शुरू करने के बाद बीच में उसे बंद नहीं किया जा सकता था। (साभार एजेंसी)

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