(देहरादून)06सितम्बर,2025.
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025 समारोह में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने देशभर के 45 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड राज्य के चम्पावत जिले के प्राथमिक विद्यालय च्यूरानी की प्रधानाध्यापिका डॉ. मंजू बाला को भी इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से अलंकृत किया गया। वे इस वर्ष उत्तराखण्ड की एकमात्र शिक्षिका हैं जिन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ है। साथ ही वे राज्य की पहली महिला प्रधानाध्यापिका भी बनीं जिन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से नवाजा गया।
डॉ. मंजू बाला वर्ष 2005 से प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वे विद्यालय के बच्चों के साथ-साथ हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर के छात्रों को भी अंग्रेज़ी विषय की निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराती हैं। उन्हें यह पुरस्कार शिक्षा में अपनाई गई ‘त्रिभाषा तकनीक’ के लिए प्रदान किया गया है। इस तकनीक के अंतर्गत वे विद्यार्थियों को हिंदी, अंग्रेज़ी और स्थानीय मातृभाषा कुमाऊँनी में पढ़ाती हैं, जिससे छात्रों को विषय की समझ अधिक सहज और प्रभावी ढंग से हो पाती है। नई शिक्षा नीति (NEP) में भी इस पद्धति को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया है।
उत्तराखण्ड ने हाल के वर्षों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। डॉ. मंजू बाला की सफलता इस दिशा में राज्य के प्रयासों को और सशक्त बनाती है तथा शिक्षा प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाती है।
