उत्तराखंड,12 जिलों में अगले 24 घंटे फ्लैश फ्लड का खतरा

Uttarakhand News

(देहरादून)10अगस्त,2026

उत्तराखंड राज्य में लगातार हो रही बारिश के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग के हाइड्रोमेट डिवीजन स्थित फ्लैश फ्लड गाइडेंस सेल ने उत्तराखंड के लिए अगले 24 घंटों का फ्लैश फ्लड रिस्क बुलेटिन जारी किया है। बुलेटिन के अनुसार 11 अगस्त 2026 की शाम 5:30 बजे तक प्रदेश के 12 जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों एवं आसपास के इलाकों में कम से मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड का जोखिम बना हुआ है।

बुलेटिन के अनुसार अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पौड़ी गढ़वाल में अगले 24 घंटों के दौरान कुछ क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा संभावित है। अत्यधिक संतृप्त मिट्टी और लगातार बारिश के चलते निचले क्षेत्रों में सतही जल बहाव एवं जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि मौसम विभाग एवं अन्य तकनीकी संस्थानों से प्राप्त पूर्व चेतावनियों के आधार पर राज्य का आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से प्रदेश की स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है और सभी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि संभावित फ्लैश फ्लड, जलभराव, भूस्खलन तथा नदी-नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य के लिए संबंधित एजेंसियों को तैयार रखा गया है।

श्री सुमन ने प्रदेशवासियों एवं पर्यटकों से अपील की कि मौसम खराब होने और लगातार बारिश की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचें। नदी, नालों, गदेरों एवं बरसाती जलधाराओं के समीप जाने से परहेज करें और जलस्तर बढ़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में छोटी जलधाराओं में भी अचानक तेज जलप्रवाह आ सकता है। इसलिए पुल-पुलियों, नदी किनारे और जलभराव वाले स्थानों को पार करने का प्रयास न करें। भूस्खलन संभावित मार्गों पर विशेष सावधानी बरतें तथा यात्रा से पहले मौसम एवं सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा मौसम, नदियों के जलस्तर और संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। (साभार)

Share it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *