(देहरादून )23जुलाई,2026
सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को त्वरित और प्रभावी ट्रॉमा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने संबंधित विभागों के साथ उच्चस्तरीय समन्वय बैठक की। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के साथ राज्य में एक समन्वित और प्रभावी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सभी आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाओं को तकनीकी और परिचालन स्तर पर एकीकृत हेल्पलाइन 112 से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन के एकीकरण के बाद आम नागरिकों को पुलिस, फायर और मेडिकल जैसी सभी आपातकालीन सेवाएं एक ही नंबर पर तुरंत उपलब्ध हो सकेंगी। इसके लिए बिना मानवीय हस्तक्षेप वाली स्वचालित प्रणाली विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में गुड सेमेरिटन शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए गए। मुख्य सचिव ने राज्य स्तर पर महानिदेशक स्वास्थ्य को तथा जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को नोडल अधिकारी नामित कर नियमित मासिक बैठकें आयोजित करने और उनकी कार्यवाही पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी सरकारी और निजी एम्बुलेंसों में एआईएस-125 मानकों के अनुरूप जीपीएस और वीएलटीडी उपकरण अनिवार्य रूप से लगाने तथा उनकी रियल-टाइम मॉनिटरिंग को हेल्पलाइन 112 से जोड़ने के निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव ने राज्य स्तरीय ट्रॉमा रजिस्ट्री स्थापित करने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग को सौंपते हुए सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों को इससे जोड़ने तथा राष्ट्रीय ट्रॉमा रजिस्ट्री से भी एकीकृत करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम-राहत (PM-RAHAT) योजना का शत-प्रतिशत प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय, अपर सचिव विनीत कुमार, रोहित मीणा, तृप्ति भट्ट, संयुक्त परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।(साभार)
