(देहरादून)17जुलाई,2026
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने समग्र शिक्षा परियोजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों में देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट चेतावनी दी है कि समय पर निर्माण कार्य पूरा नहीं करने और गुणवत्ता में लापरवाही बरतने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यक होने पर कार्य उनसे वापस ले लिए जाएंगे।
विद्यालयी शिक्षा महानिदेशालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2025-26 तक समग्र शिक्षा के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा के लिए 1367 निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 625 कार्य अभी भी अधूरे हैं। उन्होंने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को इन कार्यों को शीघ्र पूरा कराने की जिम्मेदारी सौंपते हुए निर्माण कार्यों की साप्ताहिक मॉनिटरिंग रिपोर्ट महानिदेशालय को भेजने के निर्देश दिए।
डॉ. रावत ने 120 स्वीकृत निर्माण कार्यों के अब तक शुरू नहीं होने पर नाराजगी जताई और कहा कि इन्हें तत्काल प्रारंभ किया जाए। यदि किसी विद्यालय में भूमि की कमी या अन्य व्यावहारिक बाधाएं हैं तो निर्माण कार्यों को आवश्यकता वाले अन्य विद्यालयों में स्थानांतरित कर शुरू किया जाए।
बैठक में नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावासों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने चिन्यालीसौड़, बाजपुर, आराकोट, नाभा हाउस ऋषिकेश और हल्दूचैड़ में निर्माणाधीन छात्रावासों को शीघ्र पूरा कर विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पीएम जनमन योजना के तहत ऊधमसिंहनगर के कुल्हा में बन रहे आवासीय छात्रावास के निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा।
शिक्षा मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 12 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, डिजिटल लाइब्रेरी, आईसीटी कक्षाओं और स्मार्ट क्लास परियोजनाओं के कार्यों को भी निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक आकांक्षा कोण्डे, अपर परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा एवं निदेशक प्राथमिक शिक्षा के.एस. रावत, उप राज्य परियोजना निदेशक पल्लवी नैन, अजीत भण्डारी, प्रद्युमन सिंह रावत सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।(साभार)
