‘देवभूमि परिवार कानून” के विरोध में आंदोलनकारी मंच का धरना

Uttarakhand News

(देहरादून)28जून,2026.

उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने रविवार को देहरादून स्थित दीनदयाल पार्क में ‘देवभूमि परिवार कानून’ के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। मंच के पदाधिकारियों और आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने प्रदेश की जनता, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों को विश्वास में लिए बिना यह कानून लागू किया है, जिसका वे विरोध करते हैं।

धरने को संबोधित करते हुए मंच के अध्यक्ष डॉ. राकेश भूषण गोदियाल, सामाजिक कार्यकर्ता जगमोहन मेहन्दीरत्ता, युद्धवीर सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, सांस्कृतिक मोर्चा की अध्यक्षा सुलोचना भट्ट, प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती तथा अन्य वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन लंबे संघर्ष और अनेक बलिदानों के बाद अस्तित्व में आया था। उनका कहना था कि आज भी प्रदेश के लोग सशक्त भू-कानून, रोजगार नीति, पलायन रोकने, मूल निवास और स्थायी निवास से जुड़े मुद्दों पर समाधान चाहते हैं, लेकिन सरकार ने इन विषयों पर व्यापक जनचर्चा किए बिना नया कानून लागू कर दिया।

वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार को इस कानून पर सभी पक्षों से चर्चा करनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि लंबे समय से प्रदेश में रह रहे बाहरी राज्यों के लोगों को “देवभूमि परिवार कार्ड” का पात्र बनाने के प्रावधानों पर सरकार अपना पक्ष स्पष्ट करे। मंच का कहना था कि उन्हें किसी के रोजगार, व्यापार या शिक्षा से आपत्ति नहीं है, लेकिन राज्य के मूल निवासियों के अधिकारों और हितों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

धरना-प्रदर्शन के समापन पर आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर ‘देवभूमि परिवार कानून’ पर पुनर्विचार करने और व्यापक जनपरामर्श के बाद ही आगे की कार्रवाई करने की मांग की। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच के अनेक पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और आंदोलनकारी मौजूद रहे।(साभार)

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