(देहरादून)27मई,2026
बदरीनाथ धाम से दो किमी पहले कंचननाले के उद्गम स्थल पर हिमस्खलन हुआ था, पर यह सड़क तक नहीं पहुंचा था। वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों के अनुसार हिमस्खलन एक प्राकृतिक क्रिया है, जो होती रहती है। पर अगर बर्फबारी की बात करें तो इसका समय बिगड़ गया है, बर्फबारी प्री समर में हो रही है, यह ट्रेंड इस बार भी दिखाई दिया है।
वाडिया संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. पंकज चौहान बताते हैं कि जब ढलान पर बर्फबारी के बाद बर्फ कई परत चढ़ जाती है और ढलान होती है, तो हिमस्खलन होता है। यह कई बार ऊंचे हिमालय के क्षेत्र में होते हैं, जिससे कोई नुकसान नहीं होता है। हिमस्खलन तो एक प्राकृतिक क्रिया है, जो अक्सर होती रहती है।
बर्फबारी का एक दशक से समय देखे तो इसमें बदलाव दिखाई देता है। चौहान बताते हैं कि बर्फबारी का समय दिसंबर-जनवरी में होता है, पर यह मार्च और अप्रैल तक प्री समर में हो रही है। इस समय धरती गर्म होने लगती है, जिससे बर्फ तुलनात्मक तौर पर कम टिकती है व पिघलने लगती है। इस बार भी बर्फबारी प्री समर के समय पर हुई है।(साभार एजेंसी)
