केदारनाथ धाम में मुख्यमंत्री धामी ने किया हॉस्पिटल का उद्घाटन

Uttarakhand News

(देहरादून)08मई,2026

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज श्री केदारनाथ धाम में स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसाइटी के तत्वावधान में निर्मित 50-बेड से युक्त केदारनाथ धर्मार्थ चिकित्सालय का उद्घाटन किया। यह देश के सबसे चुनौतीपूर्ण उच्च हिमालयी तीर्थ क्षेत्रों में सुलभ और मुख्य रूप से निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में संस्था का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
अस्पताल परिसर में यह उद्घाटन शुक्ल पक्ष एकादशी के शुभ अवसर पर आयोजित किया गया।

इस अवसर पर कई विशिष्ट गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे, जिनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और गरिमामय बनाया। इनमें डॉ. कृष्ण गोपाल जी, सह सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ; श्री सुरेश सोनी जी, कार्यकारिणी सदस्य, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ; श्री दिनेश चंद्र जी, संरक्षक, विश्व हिंदू परिषद; पूज्य श्री भोले जी महाराज, संस्थापक, द हंस फाउंडेशन; पूज्य माता मंगला जी, संस्थापक, द हंस फाउंडेशन; और श्री संजय खन्ना, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, बीपीसीएल उपस्थित रहे।

स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय, केदारनाथ धाम लगभग 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह अस्पताल तीर्थयात्रियों और स्थानीय समुदाय दोनों की सेवा के लिए समर्पित है, ताकि आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं बिना आर्थिक बाधा के उपलब्ध हो सकें। SVHMS हमेशा “नर सेवा, नारायण सेवा” के ध्येय वाक्य के साथ काम करती रही है। इसी भावना के कारण यह अस्पताल पूरी तरह निःशुल्क सेवाएं प्रदान करता है और यहाँ कोई बिलिंग काउंटर नहीं है। यह संस्था की मानव सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
नव उद्घाटित अस्पताल उच्च हिमालयी परिस्थितियों की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए व्यापक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित है। इनमें कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में इमरजेंसी केयर, पल्मोनरी मेडिसिन, कार्डियोलॉजी इमरजेंसी केयर, ट्रॉमा और एक्सीडेंट केयर, ऑर्थोपेडिक्स, जनरल मेडिसिन और पूर्ण रूप से कार्यरत क्रिटिकल केयर यूनिट यानी ICU शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त अस्पताल में ऑक्सीजन बैंक, पोर्टेबल वेंटिलेटर और 24×7 एम्बुलेंस सेवा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जो इसकी आपातकालीन सेवा क्षमता को और मजबूत बनाती हैं। चार धाम यात्रा जैसी कठिन और लंबी यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए ये सुविधाएं अत्यंत आवश्यक हैं।

SVHMS ने वर्षों से केदारनाथ क्षेत्र में बढ़ती स्वास्थ्य सेवा की आवश्यकता को लगातार समझा और उस दिशा में काम किया है। सीमित सुविधाओं से शुरुआत करते हुए आज 50-बेड, पूर्ण रूप से सुसज्जित अस्पताल तक की यात्रा संस्था के उस प्रयास को दर्शाती है, जिसके माध्यम से कठिन क्षेत्रों में मृत्यु दर कम करने और इमरजेंसी मेडिकल केयर तक पहुंच बढ़ाने का कार्य किया गया है।
हर यात्रा सीजन में संस्था की मेडिकल टीमें हजारों तीर्थयात्रियों की सेवा करती रही हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में ऐसे लोग सामने आते हैं जिन्हें ऊंचाई से जुड़ी बीमारियों और अन्य गंभीर स्थितियों के कारण तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है।

माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने कहा,
“केदारनाथ धर्मार्थ चिकित्सालय का उद्घाटन एक सराहनीय पहल है, जो इस उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को काफी मजबूत करेगा। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण यात्रा में शामिल होते हैं। उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए ऐसी सुविधाएं अत्यंत आवश्यक हैं। मैं SVHMS और पूरी टीम की सेवा और मानवता के प्रति समर्पण की सराहना करता हूँ।”

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. कृष्ण गोपाल जी, सह सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कहा, “यह पहल सेवा और मानवता के सच्चे भाव को दर्शाती है। केदारनाथ जैसे स्थान पर ऐसी स्वास्थ्य सुविधा स्थापित करना एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों को कठिन परिस्थितियों में भी समय पर चिकित्सा सेवा मिल सके। यह एक सराहनीय प्रयास है, जो समाज कल्याण के प्रति SVHMS के समर्पण को दिखाता है।”
श्री श्याम बागड़ी जी, उपाध्यक्ष, SVHMS ने कहा , “केदारनाथ धर्मार्थ चिकित्सालय का उद्घाटन हमारी उस यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसका उद्देश्य सबसे दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाना है। 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्वास्थ्य सुविधा संचालित करना अपने आप में कई चुनौतियां लेकर आता है, लेकिन हमारा ध्यान हर जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर, निःशुल्क और करुणा के साथ उपचार उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।”

इस अस्पताल के उद्घाटन से केदारनाथ क्षेत्र में चिकित्सा तैयारी और अधिक सशक्त हुई है। साथ ही, यह स्वास्थ्य सेवा की महत्वपूर्ण कमियों को दूर करने के SVHMS के संकल्प को भी पुनः स्थापित करता है। यह कदम सुनिश्चित करता है कि तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों दोनों को देश के सबसे कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में भी समय पर और भरोसेमंद चिकित्सा सहायता मिल सके।

वर्ष 2012 में स्थापित SVHMS पर्वतीय क्षेत्रों और वंचित समुदायों में निःशुल्क और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही है। संस्था का धर्मार्थ चिकित्सालयों का नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है और इसकी अनेक स्वास्थ्य सेवा पहलें विशेष रूप से प्रमुख तीर्थ मार्गों पर चिकित्सा अवसंरचना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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