योग 365:दैनिक जीवन में स्वास्थ्य का समावेश

National News

(नई दिल्ली)20मार्च,2026

जब अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) को पहली बार 2015 में विश्व स्तर पर मनाया गया, तो यह तेजी से विश्व के सबसे बड़े स्वास्थ्य आंदोलनों में से एक बन गया। प्रति वर्ष 21 जून को, दुनिया भर के लाखों लोग पार्कों, संस्थानों और घरों में योग करते हैं।

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने बताया, “आयुष मंत्रालय का उद्देश्य उस एक दिवसीय उत्सव की भावना को आगे बढ़ाते हुए योग को दैनिक अभ्यास में बदलना है। यह सोच ‘योग 365’ के रूप में साकार हुई है, जो एक राष्ट्रव्यापी अभियान है। इसका लक्ष्य योग को नागरिकों के दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाना है।”

इस पहल का औपचारिक अनावरण योग महोत्सव-2026 के शुभारंभ के दौरान किया गया, जिसने अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 के लिए 100 दिनों की उलटी गिनती की शुरुआत की। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में, मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) ने निःशुल्क दैनिक ऑनलाइन योग सत्र प्रदान करने के लिए वेलनेस प्लेटफॉर्म हैबिल्ड के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

जागरूकता से लेकर कार्रवाई तक

श्री जाधव ने बताया, “भारत में पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणालियों के बारे में जागरूकता का स्तर पहले से ही बहुत ऊंचा है, लेकिन असली चुनौती इस जागरूकता को नियमित अभ्यास में बदलने में है। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (एनएसएस) के अनुसार, ग्रामीण भारत में योग जैसी पारंपरिक प्रणालियों के बारे में जागरूकता 95 प्रतिशत और शहरी भारत में 96 प्रतिशत है। एनएसएस में यह भी पाया गया कि ग्रामीण भारत में लगभग 1.1 करोड़ परिवारों और शहरी भारत में लगभग 1.4 करोड़ परिवारों में कम से कम एक सदस्य नियमित रूप से योग का अभ्यास करता है।”

श्री जाधव ने जोर देकर कहा कि जागरूकता और व्यवहार के बीच के इस अंतर को ही योग 365 अभियान पाटने का प्रयास करता है। योग मानसिक स्पष्टता, शारीरिक स्वास्थ्य और भावनात्मक संतुलन के लिए एक शक्तिशाली साधना है। योग 365 के माध्यम से हमारा प्रयास लोगों को योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि स्वास्थ्य एक सामयिक कार्यकलाप के बजाय जीवन शैली बन जाए।

उन्होंने कहा कि यद्यपि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के वैश्विक उत्सव ने जागरूकता पैदा करने में सफलता प्राप्त की है, लेकिन अगला चरण समुदायों, संस्थानों और कार्यस्थलों में रोजमर्रा की जिंदगी में योग को समाहित करने के बारे में है।

365 दिनों की आदत

योगा 365 के पीछे की अवधारणा सरल लेकिन महत्वाकांक्षी है जो एक दिवसीय उत्सव से आगे बढ़कर पूरे वर्ष निरंतर जुड़ाव को प्रोत्साहित करना है।

इस अभियान का उद्देश्य मिशन-मोड आउटरीच के माध्यम से समुदायों को संगठित करना, व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देना और स्कूलों एवं कार्यालयों से लेकर पड़ोस के समूहों और डिजिटल प्लेटफार्मों तक विभिन्न स्थानों में योग को एकीकृत करना है।

हैबिल्ड के साथ साझेदारी इस अभियान की पहली व्यापक डिजिटल पहुंच का प्रतिनिधित्व करती है। यह प्लेटफॉर्म प्रतिदिन निःशुल्क ऑनलाइन योग सत्र आयोजित करेगा, जिससे भौगोलिक क्षेत्रों और फिटनेस स्तर की परवाह किए बिना लोगों के लिए निर्देशित अभ्यास सुलभ हो जाएगा।

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा, “एनएसएस के 79वें दौर के अनुसार, शहरी भारतीयों में से 96 प्रतिशत लोग हमारी चिकित्सा प्रणालियों से परिचित हैं, लेकिन उनमें से बहुत कम लोग ही इनका दैनिक अभ्यास करते हैं। योग 365, गैर-संक्रामक रोगों के लिए हाल ही में शुरू किए गए योग प्रोटोकॉल के साथ मिलकर, योग को अधिक सुलभ, व्यावहारिक और रोजमर्रा के स्वास्थ्य के लिए प्रासंगिक बनाकर इस अंतर को पाटने का प्रयास करता है।”

एक राष्ट्रव्यापी स्वास्थ्य अभियान

डिजिटल सत्रों के अलावा, योग 365 एक व्यापक अभियान के रूप में काम करेगा जो आयुष मंत्रालय की योग से संबंधित कई पहलों को आपस में जोड़ेगा। इस कार्यनीति में दैनिक अभ्यास के अवसरों को बढ़ाने के लिए संस्थानों, कॉर्पोरेट संगठनों, सामुदायिक समूहों और शैक्षिक नेटवर्कों के साथ सहयोग शामिल है।

अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान व्यापक स्तर पर नागरिक सहभागिता, व्यवहार परिवर्तन संचार और संस्थागत एकीकरण पर केंद्रित होगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि योग रोजमर्रा की दिनचर्या का एक स्वाभाविक हिस्सा बन जाए।

आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुश्री मोनालिसा डैश ने जोर देते हुए कहा, “योग 365 पूरे देश में दैनिक स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती की संस्कृति को बढ़ावा देने का एक प्रयास है। सामुदायिक भागीदारी, डिजिटल प्लेटफॉर्म और संस्थागत सहभागिता को मिलाकर, इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योग हर घर तक पहुंचे और एक स्थायी जीवनशैली का हिस्सा बन जाए।”

योग 365: रोजमर्रा की जिंदगी में सेहत को अपनाएं

योगा 365 का उद्देश्य केवल पूरे वर्ष योग का अभ्यास करना ही नहीं है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के दैनिक जीवन में स्वास्थ्य को एकीकृत करना भी है। कॉर्पोरेट कर्मचारियों के लिए वाई-ब्रेक, आम जनता के लिए कॉमन योगा प्रोटोकॉल (सीवाईपी) और रोग प्रबंधन के लिए चिकित्सीय योग प्रोटोकॉल जैसी पहलें दर्शाती हैं कि योग कार्यस्थल पर स्वास्थ्य, दैनिक फिटनेस और निवारक स्वास्थ्य देखभाल में कैसे सहायक हो सकता है। ये सभी प्रयास मिलकर योग को दैनिक जीवन में स्वास्थ्य और संतुलन सुधारने का एक व्यावहारिक साधन बनाने के व्यापक दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करते हैं।

21 जून से आगे बाद

जैसे-जैसे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 निकट आ रहा है, योग 365 भारत के योग आंदोलन के अगले चरण का संकेत देता है – एक ऐसा चरण जो सार्वजनिक कार्यक्रमों और जनसभाओं से परे है।

पिछले एक दशक में, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एक प्रतीकात्मक आयोजन से विकसित होकर एक शक्तिशाली वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन बन गया है। 2015 में समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के सामूहिक प्रयास के रूप में शुरू हुआ यह आंदोलन धीरे-धीरे दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य और जीवनशैली पहलों में से एक बन गया है। वर्ष 2025 में योग दिवस के अवसर पर 26 करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी इस आंदोलन की बढ़ती पहुंच और गति को और भी स्पष्ट करती है। इससे यह पता चलता है कि योग किस प्रकार स्वास्थ्य, सद्भाव और सामूहिक कल्याण के लिए एक वैश्विक शक्ति के रूप में विकसित हुआ है।

यह विजन सरल लेकिन परिवर्तनकारी है: यदि लाखों लोग एक दिन के लिए योग करते हैं, तो वे इसका अभ्यास प्रतिदिन भी कर सकते हैं।

देश भर में पहले से ही विद्यमान जागरूकता को देखते हुए, योग 365 की सफलता संभवतः उस जागरूकता को एक सरल दैनिक आदत में बदलने की उसकी क्षमता में निहित है – एक ऐसी आदत जो व्यक्तिगत स्वास्थ्य और सामूहिक कल्याण दोनों को सुदृढ़ करती है। (साभार एजेंसी)

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