बदरीनाथ-केदारनाथ में गैर-सनातनियों का प्रवेश प्रतिबंधित

Uttarakhand News

(देहरादून)11मार्च,2026.

बदरीनाथ, केदारनाथ धाम में अब गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक होगी।बदरी केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में आगामी यात्रा सीजन के मद्देनजर 121.07 करोड़ का बजट पारित किया गया।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में देहरादून स्थित कैनाल रोड कार्यालय भवन के समीप बैठक हुई। बैठक में आगामी यात्रा सत्र 2026-27 को दृष्टिगत 121.07 करोड़ से अधिक का अनुमानित बजट पारित किया गया। बदरीनाथ और केदारनाथ में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने सहित कई अहम प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। बजट बैठक में बदरीनाथ धाम के लिए 57.47 करोड़ रुपये और केदार धाम के लिए 63.60 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया। बजट में प्रस्तावित आय के सापेक्ष 99.45 करोड़ का प्रस्तावित व्यय दिखाया गया है।

बैठक का संचालन करते हुए मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने पिछले बोर्ड बैठक की अनुपालन आख्या प्रस्तुत की। बीकेटीसी का वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि चारधाम यात्रा का अप्रैल माह में शुभारंभ हो रहा है। यात्रा काल को ध्यान में रखकर बीकेटीसी ने बजट प्रावधान किए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देश में केदारनाथ का पुनर्निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब बदरीनाथ पुनर्निर्माण कार्य चल रहे हैं। बैठक में बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, विजय कपरवाण, सदस्य धीरज मोनू पंचभैया, महेंद्र शर्मा, प्रह्लाद पुष्पवान, देवी प्रसाद देवली, राजेंद्र प्रसाद डिमरी, डा. विनीत पोस्ती, नीलम पुरी, दिनेश डोभाल, राजपाल जड़धारी, राजकुमार तिवारी, रजनीश भट्ट, वित्त अधिकारी मनीष उप्रेती, विधि अधिकारी एसएस बर्त्वाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी आदि मौजूद रहे।

धामों के इन कामों पर मुहर:
बैठक में धामों में यात्रा पूर्व व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने, ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में मंदिर समिति शिविर कार्यालय खोलने, बदरीनाथ मंदिर और केदारनाथ मंदिर में निर्धारित दूरी तक मोबाइल प्रतिबंधित करने, बीकेटीसी अधिनियम में कतिपय प्रावधानों में संशोधन करने, रावल की नियुक्ति नियमावली व परंपराओं के संबंध में, बदरी-केदार मंदिर में पूजा-दर्शन व्यवस्था, बीकेटीसी को कार्यदायी संस्था नामित करने, कर्मचारियों की प्रोन्नति, अस्थायी कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने, मानदेय बढ़ाने, आदि बदरी मंदिर को बीकेटीसी में सम्मिलित करने, डिमरी धार्मिक पंचायत के पत्रों पर विचार, पूजा सामग्री खरीदने, मर्कंटेश्वर मंदिर के सभा मंडप पुनर्निर्माण, बीकेटीसी कर्मचारियों के वेतन पेंशन के लिए रिवाल्विंग फंड बनाने आदि प्रस्ताव पारित हुए। यात्रा एवं दर्शन एसओपी विचार, मंदिर परिसर, दर्शन पंक्ति-रेलिंगों की मरम्मत, रंग-रोगन पेयजल, विद्युत व्यवस्था, स्वच्छता, विश्राम गृहों में आवासीय व्यवस्था और दर्शन व्यवस्था, पूजा व्यवस्था, ऑनलाइन पूजा व मंदिर समिति की वेबसाइट को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने, मंदिरों के जीर्णोद्धार व यात्रा पूर्व रखरखाव, विज्ञापन नीति, कर्मचारियों के स्थानांतरण नीति पर प्रस्ताव पारित हुए।(साभार एजेंसी)

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