(चमोली)03नवंबर,2025.
संतान दायिनी शक्ति शिरोमणि माता अनसूया का दो दिवसीय मेला विधि-विधान एवं पूजा-पाठ के साथ बुधवार को प्रारंभ हो गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट तथा बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला ने पूजा-अर्चना कर मेले का शुभारंभ किया। दत्तात्रेय जयंती के अवसर पर क्षेत्र की सभी देवियों की डोलियां भी सती मां अनसूया के दरबार पहुंचीं।
मां अनसूया मंदिर में दत्तात्रेय जयंती पर प्रति वर्ष संपूर्ण भारत से निसंतान दंपत्ति एवं भक्तजन अपनी मनोकामना पूर्ण करने के उद्देश्य से पहुंचते हैं। मेले के दौरान जिला प्रशासन द्वारा पूरे पैदल मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
विदित हो कि पौराणिक काल से दत्तात्रेय जयंती पर सती माता अनसूया में दो दिवसीय मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें निसंतान दंपत्ति पूरी रात जागकर मां की पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि मां के दर से कोई खाली हाथ नहीं लौटता और मां सबकी झोली भरती हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर में जप एवं यज्ञ करने वालों को संतान की प्राप्ति होती है।
कथाओं के अनुसार इसी स्थान पर माता अनसूया ने अपने तप के बल पर त्रिदेव — ब्रह्मा, विष्णु एवं शंकर — को शिशु रूप में परिवर्तित कर पालने में खेलने हेतु विवश कर दिया था। पश्चात तप के आधार पर त्रिदेवों ने अपना वास्तविक स्वरूप पुनः प्राप्त किया और यहीं तीन मुख वाले दत्तात्रेय का जन्म हुआ। यहीं दत्तात्रेय मंदिर की स्थापना भी की गई और तभी से संतान की कामना को लेकर भक्त यहां दर्शन-पूजन हेतु पहुंचते हैं। मान्यता है कि दत्तात्रेय जयंती पर यहां विशेष पूजा-अर्चना और भव्य मेला आयोजित होता है।
इस अवसर पर राज्य मंत्री हरक सिंह, जिला पंचायत सदस्य जय प्रकाश पंवार, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, सती माता अनसूया मंदिर ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष भगत सिंह बिष्ट, पूर्व डीसीबी अध्यक्ष गजेन्द्र रावत, रविन्द्र बर्त्वाल, उषा रावत, दलबीर दानू सहित सैकड़ों देवी-भक्त मौजूद रहे(साभार)
