आर्टीफिशियल‌ इंटेलिजेंस और कोडिंग हैकाथाॅन 2025 का आयोजन

Uttarakhand News

(देहरादून)02नवंबर,2025.

दून विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी द्वारा आयोजित दो दिवसीय “आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) और कोडिंग हैकाथॉन 2025” का समापन 31 अक्टूबर को उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। यह कार्यक्रम 25वें उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था और राज्य सरकार की तीन-चरणीय एआई पहल के विश्वविद्यालय-स्तरीय चरण का एक प्रमुख हिस्सा रहा।

इस हैकाथॉन में 14 टीमों के 56 प्रतिभागी छात्र-छात्राओं ने 48 घंटों तक स्वास्थ्य, कृषि और साइबर सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित नवाचारपूर्ण तकनीकी समाधान विकसित किए। उद्घाटन समारोह में तकनीकी एवं उच्च शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने इस पहल को युवाओं को एआई और कोडिंग में दक्ष बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम बताया। डॉ. सिन्हा ने सभी प्रतिभागियों के प्रोजेक्ट्स को बारीकी से देखा और उनकी तकनीकी रचनात्मकता की सराहना की।

दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने इस आयोजन को भविष्य के तकनीकी इनोवेटर्स के लिए एक “अग्निपरीक्षा” करार दिया। उन्होंने छात्रों की रचनात्मकता और लगन की प्रशंसा करते हुए आशा जताई कि ये टीमें राज्य-स्तरीय प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय का नाम रोशन करेंगी।

निर्णायक मंडल में माइक्रोसॉफ्ट, बेंगलुरु के सीनियर सिलिकॉन डिज़ाइन इंजीनियर श्री मोहित मिश्रा और अर्सल सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस के एमडी एवं सीईओ श्री अजय बंसल शामिल थे। उन्होंने प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन तकनीकी नवाचार और सामाजिक उपयोगिता के आधार पर किया। इस प्रतियोगिता में तीन टीमों ने शीर्ष स्थान प्राप्त किए।

प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम ‘ज़ेप्टार’ (हर्षित जोशी, रुद्रांश कथैत, अनिकेत सिंह, अविनाव सिंह) ने “The Dual HealthCare Engine” प्रोजेक्ट के जरिए कैंसर की शुरुआती पहचान और मरीजों के लिए चैटबॉट सहायता को एकीकृत करने की अनोखी तकनीक विकसित की। द्वितीय स्थान ‘टीम ट्रेलब्लेज़र’ (आमना सरफराज, जलज कोटनाला, सार्थक भट्ट, तनिष्का महार) ने “Pharos Agri” नामक एमएल आधारित बहुभाषी कृषि सलाह प्लेटफ़ॉर्म प्रस्तुत किया। तृतीय स्थान ‘टीम एपेक्स’ (सार्थक कथैत, अंशी कोठारी, ईशा नेगी, स्पर्श नारायण) को “FedDefender AI” साइबर सुरक्षा समाधान के लिए मिला, जो फेडरेटेड लर्निंग तकनीक का उपयोग करते हुए डेटा साझा किए बिना साइबर खतरों से निपटने में सक्षम है।

कार्यक्रम की संयोजक डॉ. प्रीति मिश्रा और विभागाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप कौशल-आधारित शिक्षा और नवाचार के दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है। शीर्ष तीन टीमों को नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। ये टीमें अब 2 से 9 नवंबर तक देहरादून में आयोजित राज्य-स्तरीय हैकाथॉन में भाग लेंगी, जहां वे अन्य विश्वविद्यालयों की श्रेष्ठ तकनीकी प्रतिभाओं के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगी।

इस आयोजन को सफल बनाने में समिति सदस्य — डॉ. प्रीति मिश्रा, श्री जगदीश गिरी गोस्वामी, डॉ. अनुज कुमार, डॉ. महीप सिंह, श्रीमती कामिनी भट्ट, श्रीमती रूपा कुमारी, श्री कमल रावल, श्री दीपक धिंगान और श्रीमती शोभा आर्या का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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