(नई दिल्ली)30अक्टूबर,2026
शाक्यमुनि बुद्ध के पवित्र पिपराहवा अवशेष 31 अक्टूबर से 21 नवंबर 2026 तक अरुणाचल प्रदेश के तीन प्रमुख बौद्ध स्थलों – तवांग, बोमडिला और नामसाई में सार्वजनिक दर्शन और पूजा के लिए रखे जाएंगे।
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय, अरुणाचल सरकार, इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्फेडरेशन (IBC) और राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्घाटन केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत 31 अक्टूबर को ऐतिहासिक गादेन नामग्याल ल्हात्से (तवांग मठ) में करेंगे। 1 नवंबर को मुख्यमंत्री पेमा खांडू की मौजूदगी में दूसरा उद्घाटन समारोह होगा।
राष्ट्रीय संग्रहालय में संरक्षित पवित्र अवशेष 30 अक्टूबर की रात विशेष धार्मिक रस्मों के साथ अपनी पवित्र यात्रा शुरू करेंगे। 31 अक्टूबर सुबह भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से पालम एयरपोर्ट से गुवाहाटी के बोरझार एयरबेस और वहां से हेलीकॉप्टर से तवांग मठ ले जाए जाएंगे। सुबह 10 से 11:30 बजे के बीच स्थापना और उद्घाटन समारोह तय है।
संस्कृति मंत्रालय ने बताया कि अवशेषों की पवित्रता, सुरक्षा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए रक्षा मंत्रालय, वायुसेना और राज्य सरकार के साथ समन्वय से विशेष इंतजाम किए गए हैं। वायुसेना के विमान और हेलीकॉप्टरों को इस कार्य के लिए तैयार किया गया है।
प्रदर्शनी के साथ पिपराहवा विरासत की खोज और वापसी पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगेगी। साथ ही “बौद्ध धर्म: हिमालयी क्षेत्र और उससे आगे प्रसार” विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें भारत सहित सात देशों के बौद्ध भिक्षु, विद्वान और प्रतिनिधि भाग लेंगे।
यह आयोजन तिब्बती परंपरा के पवित्र पर्व ल्हाबाब ड्यूचेन के अवसर पर हो रहा है, जो भगवान बुद्ध के स्वर्ग से धरती पर अवतरण की स्मृति में मनाया जाता है।(साभार एजेंसी)


