(हरिद्वार)09अगस्त,2026
कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी के नेतृत्व एवं निर्देशन में SDRF उत्तराखण्ड पुलिस की टीमें हरिद्वार, ऋषिकेश एवं नीलकंठ क्षेत्र के विभिन्न गंगा घाटों, गंगनहर तथा संवेदनशील जलक्षेत्रों में लगातार मुस्तैदी से तैनात हैं। जवानों द्वारा जलक्षेत्रों में निरंतर निगरानी के साथ कांवड़ियों को सुरक्षित स्नान, तेज बहाव एवं गहरे पानी से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है।
इसी क्रम में 09 अगस्त 2026 को गंगा एवं गंगनहर में स्नान के दौरान तेज बहाव की चपेट में आए और संकट में फंसे कुल 21 कांवड़ियों को SDRF की विभिन्न टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल रेस्क्यू किया। इनमें कांगड़ा घाट क्षेत्र से 17, प्रेम नगर आश्रम घाट से 03 तथा नीलकंठ क्षेत्र से 01 शिवभक्त शामिल है। SDRF जवानों की सतर्कता, तत्परता, साहस एवं सूझबूझ के चलते सभी शिवभक्तों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और संभावित अनहोनी को टाल दिया गया।
रेस्क्यू किए गए कांवड़ियों में रोशन (18), हरियाणा; पवन (18), उत्तर प्रदेश; राहुल (21), चंडीगढ़; अभिषेक (15), चंडीगढ़; शुभम (23), दिल्ली; प्रिंस (22), दिल्ली; राजेश (20), दिल्ली; दीपक (17), हरियाणा; विरेन्द्र राणा (34), हरियाणा; आनंद (21), पंजाब; निशांत (18), हरियाणा; केशव (19), हरियाणा; जतिन (16), हरियाणा; मोनू कुमार (20), हरियाणा; अजय (28), दिल्ली; कृष्णा (17), दिल्ली; सौरव कुमार (18), दिल्ली; शिवा (17), दिल्ली; सूरज, नई दिल्ली तथा वरुण (16), नोएडा शामिल हैं। इसके अतिरिक्त नीलकंठ क्षेत्र से भी एक शिवभक्त को SDRF टीम द्वारा सकुशल रेस्क्यू किया गया।
कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार एवं ऋषिकेश के प्रमुख गंगा घाटों, गंगनहर तथा नीलकंठ क्षेत्र में बड़ी संख्या में शिवभक्तों की आवाजाही को देखते हुए SDRF टीमें विशेष सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं। जवानों द्वारा जलधारा एवं जलस्तर में संभावित बदलावों पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित रेस्क्यू के लिए आवश्यक उपकरणों एवं संसाधनों के साथ टीमें पूरी तरह तैयार हैं।
सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी ने सभी शिवभक्तों एवं कांवड़ियों से अपील की है कि स्नान के लिए निर्धारित एवं सुरक्षित घाटों का ही प्रयोग करें तथा तेज बहाव और गहरे पानी वाले स्थानों पर जाने से बचें। उन्होंने SDRF एवं पुलिस जवानों द्वारा दिए जा रहे सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि श्रद्धा के साथ सावधानी भी आवश्यक है। सतर्क रहकर ही कांवड़ यात्रा को सुरक्षित एवं मंगलमय बनाया जा सकता है।
