(देहरादून)1जुलाई,2026
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित ‘पांचवें डॉक्टर ऑफ द ईयर अवार्ड-2026’ समारोह में प्रदेश के 37 प्रतिष्ठित चिकित्सकों को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने इस अवसर पर राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की घोषणा की।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 के अंत तक सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में रिक्त पदों पर नियुक्तियां पूरी कर ली जाएंगी तथा पदोन्नति की प्रक्रिया भी शत-प्रतिशत पूर्ण की जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों का अलग कैडर बनाया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी।
सुबोध उनियाल ने कहा कि “डॉक्टर ऑफ द ईयर” सम्मान केवल उपलब्धि का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारियों को भी बढ़ाता है। उन्होंने चिकित्सकों को तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने तथा मेडिकल कॉलेजों में योग और मेडिटेशन को बढ़ावा देने पर बल दिया।
समारोह में प्रदेशभर के 32 चिकित्सकों को ‘डॉक्टर ऑफ द ईयर-2026’, 3 चिकित्सकों को ‘आउटस्टैंडिंग लीडरशिप अवॉर्ड’ तथा 3 वरिष्ठ चिकित्सकों को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) भानु दुग्गल ने की। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य का अत्यधिक व्यवसायीकरण समाज के कमजोर वर्गों को इन सुविधाओं से वंचित नहीं करना चाहिए। वहीं भारतीय चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ. जे.एन. नौटियाल ने आयुष चिकित्सा के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल ने मेडिकल छात्रों और युवा डॉक्टरों में बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की।
कार्यक्रम में दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन, विधायक सुरेश गड़िया, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरुण त्रिपाठी, दिव्य हिमगिरि के संपादक डॉ. कुँवर राज अस्थाना सहित अनेक चिकित्सक, शिक्षाविद और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। समारोह का समापन सम्मानित चिकित्सकों एवं अतिथियों के अभिनंदन के साथ हुआ।(साभार सू वि)
