(देहरादून)16मई,2026
उत्तराखंड राज्य की खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक जिला एक खेल नीति को अंतिम रूप दे दिया गया है। इसके तहत राज्य के सभी 13 जनपदों के लिए एक-एक विशिष्ट खेल का चयन किया गया है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने एक बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। इसका मुख्य लक्ष्य राज्य में खेल प्रतिभाओं को निखारना है। साथ ही उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। नीति का उद्देश्य प्रत्येक जिले में चयनित खेल के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा और प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित करना है। इससे स्थानीय स्तर पर खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि यह पहल युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगी।
नीति का क्रियान्वयन और लक्ष्य:
खेल मंत्री रेखा आर्या के मुताबिक इस नीति के तहत हर जिले में चयनित खेल के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें खेल अकादमियों की स्थापना, योग्य प्रशिक्षकों की नियुक्ति और आधुनिक खेल उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि इस पहल से उत्तराखंड खेल के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरे। यह नीति राज्य के युवाओं को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने और खेल को कॅरिअर के रूप में चुनने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
इन जिलों के लिए किया गया है विशिष्ट खेलों का चयन:
राज्य के विभिन्न जिलों के लिए खेलों का चयन कर लिया गया है। इस निर्णय के तहत प्रत्येक जिले को एक विशिष्ट खेल के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। अल्मोड़ा जिले के लिए बैडमिंटन खेल को विशेष रूप से प्राथमिकता दी गई है। बागेश्वर में ताइक्वांडो और चंपावत में फुटबॉल के लिए सुविधाएं विकसित कर खिलाड़ियों को तैयार किया जाएगा। देहरादून में शूटिंग के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। हरिद्वार में कुश्ती और नैनीताल में मॉर्डन पेंटाथलॉन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। पौड़ी में एथलेटिक्स और पिथौरागढ़ में मुक्केबाजी को बढ़ावा मिलेगा। टिहरी गढ़वाल में कैनोइंग और कयाकिंग के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। रुद्रप्रयाग में वुशू, ऊधमसिंह नगर में साइकिलिंग और उत्तरकाशी में कबड्डी के लिए योजनाएं बनाई गई हैं(साभार एजेंसी)
