शीघ्र होगा तप्त कुंड का नवनिर्माण

Uttarakhand News

(रुद्रप्रयाग)12अप्रैल,2026.

केदारनाथ धाम के महत्वपूर्ण आधार शिविर गौरीकुंड में आपदा से जमींदोज तप्त कुंड की मरम्मत का कार्य इन दिनों तेजी से चल रहा है। इसके लिए 67 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। कुंड में महिला और पुरुषों के लिए अलग अलग चेंजिंग रूम भी निर्मित किए जा रहे हैं।

तप्त कुंड केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और प्रकृति का अद्भुत संगम है। इसीलिए संरक्षण और पुनरुद्धार कार्य चल रहे हैं। वर्ष 2013 की आपदा में गौरीकुंड का तप्त कुंड भी जमींदोज हो गया था। कुछ वर्षों बाद स्थानीय लोगों तथा प्रशासन ने खोदाई की तो गर्म पानी का स्रोत मिल गया, इसे अस्थाई रूप से एक नल के माध्यम से तीर्थयात्रियों के लिए पुनर्जीवित तो कर दिया गया था, लेकिन कुंड और चेंजिंग रूम न होने से श्रद्धालु लाभ नहीं ले पाते थे। अब केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कुंड के जीर्णोद्धार के लिए बजट जारी किया है, इससे सौंदर्यीकरण कार्य किया जा रहा है।

माता पार्वती ने यहां की थी कठोर तपस्या:

शास्त्रों के अनुसार केदारनाथ धाम की यात्रा की शुरुआत यहीं से मानी जाती है। श्रद्धालु इस तप्त कुंड में स्नान कर स्वयं को पवित्र कर आगे की यात्रा के लिए तैयार करते हैं। आचार्य विश्वमोहन जमलोकी बताते हैं कि यहां माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसीलिए इस स्थान का नाम गौरीकुंड पड़ा। तप्त कुंड के गर्म जल से स्नान करने से शारीरिक रोगों से मुक्ति और मानसिक शांति प्राप्त होती है।

आपदा से तप्त कुंड की मूल संरचना क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिससे उसकी धार्मिक गरिमा और उपयोगिता पर असर पड़ा। अब कुंड का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। यात्रा शुरू होने से पहले इसका निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। -राजविंद सिंह, ईई लोनिवि।(साभार एजेंसी)

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