(नई दिल्ली)01दिसंबर,2025.
मिल रही जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार के पब्लिक सेक्टर बैंक (PSB) कंसोलिडेशन प्लान पर बड़ा अपडेट सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सरकार एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। जिसके तहत वित्त वर्ष 2027 तक केंद्र सरकार बैंकों के मर्जर को लेकर बड़ी तैयारी कर रही है। सरकारी बैंकों के मर्जर का प्लान तैयार हो रहा है। अगर सब योजना के मुताबिक पूरा हुआ तो साल 2027 तक देश में 12 बैंकों के बजाए सिर्फ 4 सरकारी बैंक रह जाएंगे। छोटे सरकारी बैंकों को बड़े बैंकों में मिलाने की तैयारी चल रही है। सरकार के प्लान के हिसाब से विलय पूरा होने पर देश में सिर्फ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा-यूनियन बैंक जैसे बड़े सरकारी बैंकों का नाम रह जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी बैंकों की बैलेंस शीट को मजबूत करना, ऑपरेशनल कैपेसिटी में सुधार लाना और उन्हें ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक बनाना है। योजना के तहत पहले छोटे बैंकों का बड़े बैंकों में विलय किया जाएगा और बाद में उन्हें कंसोलिडेट करके चार बड़ी यूनिट्स बनाई जाएंगी, जो भारत की आर्थिक वृद्धि और बढ़ती लोन डिमांड को पूरा करने में सक्षम होंगी।
केनरा-यूनियन बैंक का विलय
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार केनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के विलय की दिशा में सक्रिय है। इस मर्जर से चार मुख्य सरकारी बैंकों में से एक की रचना होने की संभावना है। इसके अलावा इंडियन बैंक और यूको बैंक को भी इसी संरचना में इंटीग्रेट करने पर विचार किया जा रहा है, जिससे एक और बड़ा बैंक बनेगा।
मिड-साइज बैंकों का मर्जर
मिड-साइज बैंक जैसे इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (CBI), बैंक ऑफ इंडिया (BoI) और बैंक ऑफ महाराष्ट्र (BoM) को SBI, PNB या बैंक ऑफ बड़ौदा में मर्ज किए जाने की उम्मीद है। पंजाब एंड सिंध बैंक के मामले पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। बताया जा रहा है कि अंतिम रूपरेखा के अनुसार, इसका भी चार बड़े बैंकों में से किसी एक में विलय किया जा सकता है(साभार)
